रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति (जेएनएम) मेडिकल कॉलेज, रायपुर में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। कॉलेज में वर्तमान 230 सीटों की संख्या बढ़ाकर 250 करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सीटों में बढ़ोतरी को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और संबंधित प्रस्ताव नियामक संस्था के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
सीटों में वृद्धि होने से प्रदेश के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही, NEET-UG के माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने वाले छात्रों के लिए अवसर भी बढ़ जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बाहर के राज्यों का रुख कम करना पड़ेगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर को किया जा रहा मजबूत
सीटें बढ़ाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर काम किया है। अतिरिक्त सीटों के लिए लेक्चर थिएटर, प्रयोगशालाएं, फैकल्टी, छात्रावास, पुस्तकालय और अस्पताल की सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटें बढ़ने का सीधा लाभ राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मिलेगा। अधिक संख्या में डॉक्टर तैयार होंगे, जिससे भविष्य में सरकारी अस्पतालों और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का होगा विस्तार
राज्य सरकार लगातार मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर जोर दे रही है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ-साथ पुराने संस्थानों में भी सीटें बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। जेएनएम मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ना इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
छात्रों के लिए बढ़ेगा मौका
यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो आगामी शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में 230 की जगह 250 विद्यार्थियों को एमबीबीएस में प्रवेश मिल सकेगा। इससे सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई का सपना देखने वाले विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा और प्रतियोगिता का दबाव भी कुछ हद तक कम हो सकेगा।





