ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश जारी

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 1.50 करोड़ रुपये के 300 किलो गांजा तस्करी मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी और नेटवर्क के मास्टरमाइंड शुभम यादव (29) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, 5 जून 2026 को "ऑपरेशन आघात" के तहत रायगढ़ पुलिस ने ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही गांजे की बड़ी खेप पकड़ी थी। कार्रवाई में करीब 300 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत लगभग 1.50 करोड़ रुपये थी, जब्त किया गया था। इसके अलावा गांजा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही इनोवा क्रिस्टा और मारुति सुजुकी XL-6, पांच मोबाइल फोन समेत कुल 1.86 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी।

इस मामले में पुलिस ने तीन अंतरराज्यीय तस्करों निखिल कश्यप, रिंकु कश्यप और धर्मेंद्र कुमार मौर्य को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि पूरे तस्करी नेटवर्क का संचालन शुभम यादव के साथ मिलकर किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने फरार मास्टरमाइंड की तलाश तेज कर दी थी।

मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना से पहुंची पुलिस

साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस ने तकनीकी जांच, मोबाइल विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। 8 जुलाई 2026 को सूचना मिली कि शुभम यादव KIA कार से रायगढ़ क्षेत्र में मौजूद है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई। पुलिस को देखते ही आरोपी तेज रफ्तार से वाहन लेकर भागने लगा, लेकिन पहले से अलर्ट किए गए सीमावर्ती थानों की नाकेबंदी के चलते वह बच नहीं सका। संयुक्त टीम ने लैलूंगा मुख्य मार्ग स्थित कुंजारा के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी के कब्जे से 10 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त

गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम यादव, पिता लखनलाल यादव, निवासी विवेकनगर कॉलोनी, थाना चचाई, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से KIA कार (CG-10 BE-5998), मोबाइल फोन, घड़ी, 3 हजार रुपये नकद, वाहन दस्तावेज, चाबी और तीन एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 10.17 लाख रुपये बताई गई है।

पूरे नेटवर्क की हो रही जांच

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना लैलूंगा में दर्ज अपराध क्रमांक 184/2026 के तहत धारा 20(बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई की है। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

रायगढ़ पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों के मामलों में केवल सप्लायर या वाहन चालकों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जा रही है, बल्कि पूरे नेटवर्क, आर्थिक लाभ लेने वालों और मुख्य संचालकों तक पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।