रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि काले धन को छिपाने और वैध दिखाने के लिए आरोपियों ने अपनी पत्नियों और परिजनों के बैंक खातों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए।
पत्नियों के खातों से हुआ करोड़ों का ट्रांजेक्शन
जांच के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर अपनी पत्नियों के बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई और फिर उसे अलग-अलग कंपनियों, निवेश और संपत्तियों में लगाया। एजेंसियों का मानना है कि इस तरीके से अवैध धन के स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई।
शेल कंपनियों और फर्जी लेनदेन का आरोप
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर शेल कंपनियों, फर्जी एंट्री और कई बैंक खातों के जरिए धन को एक जगह से दूसरी जगह भेजा गया। इसके बाद इस रकम का इस्तेमाल विभिन्न निवेशों और संपत्तियों की खरीद में किया गया। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।
जांच लगातार जारी
महादेव एप मामले में ईडी और सीबीआई दोनों जांच कर रही हैं। एजेंसियां पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। हाल के दिनों में इस मामले में कई चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं और करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त या कुर्क की गई हैं।





