विराट अपहरण केस में बड़ी मां की उम्रकैद बरकरार: हाईकोर्ट बोला- ऐसे अपराध समाज में डर फैलाते हैं, राहत देने से इनकार
बिलासपुर। विराट अपहरण मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ी मां को मिली उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने साफ कहा कि बच्चों के अपहरण जैसे अपराध समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने सजा में राहत देने की मांग करते हुए अपील दायर की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने सभी तथ्यों और सबूतों पर विचार करने के बाद अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा उचित और न्यायसंगत है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी महिला ने पारिवारिक विश्वास का फायदा उठाकर बच्चे के अपहरण की साजिश रची थी। मामले की जांच और गवाहों के बयान के आधार पर निचली अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के अपराध केवल एक परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करते हैं। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में अदालत को सख्त रुख अपनाना जरूरी है।
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताया है। वहीं आरोपी पक्ष के पास अब सुप्रीम कोर्ट में अपील का विकल्प खुला हुआ है।





