रायपुर। रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला आर्थिक कॉरिडोर से जुड़े कथित भूमि मुआवजा घोटाले को लेकर सोमवार को धमतरी जिले के ग्राम सिवनीकला के करीब 100 किसान आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कार्यालय पहुंचे। किसानों ने अपने साथ जमीन से जुड़े दस्तावेज, रजिस्ट्री प्रतियां, नामांतरण रिकॉर्ड, मुआवजा सूची और नक्शे संलग्न कर शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।

गोपनीय जानकारी लीक कर रची गई साजिश

किसानों का आरोप है कि परियोजना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं पहले ही कुछ भू-माफिया और अधिकारियों तक पहुंच गईं, जिसके बाद सुनियोजित तरीके से मूल खसरों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा गया। इसके बाद जमीन को परिजनों व करीबियों के नाम दर्ज कराकर क्षेत्रफल के आधार पर कई गुना अधिक मुआवजा उठाया गया।

शिकायत में दावा किया गया है कि 19 मूल खसरों को 88 से अधिक टुकड़ों में विभाजित कर शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। किसानों ने तत्कालीन राजस्व अधिकारियों, भू-अर्जन शाखा, रजिस्ट्री कार्यालय और कथित भू-माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर बैंक खातों और कॉल डिटेल की जांच कराने की मांग की है।