रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और थाना खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ओडिशा से रायपुर तक नशीली गोलियों की सप्लाई करने वाले एक बस चालक को गिरफ्तार किया गया है। जांच में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।
बस चालक करता था नशीली गोलियों की सप्लाई
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय नाग (46 वर्ष) निवासी संबलपुर (ओडिशा) के रूप में हुई है। वह ओडिशा से रायपुर के बीच बस चलाता था और कथित तौर पर कमीशन लेकर प्रतिबंधित नशीली गोलियों की सप्लाई करता था।
पहले दो आरोपियों की गिरफ्तारी से मिला सुराग
इस मामले में पुलिस पहले ही सुनील बघेल (26 वर्ष) और सचिन महानंद (21 वर्ष) को गिरफ्तार कर चुकी थी। दोनों के कब्जे से 459 नाइट्रोसन-10 टैबलेट और बिक्री के ₹200 नकद बरामद किए गए थे। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब ₹1.83 लाख आंकी गई है। इस मामले में थाना खम्हारडीह में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पूछताछ में सामने आया ओडिशा कनेक्शन
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि प्रतिबंधित नशीली गोलियां उन्हें संबलपुर निवासी संजय नाग उपलब्ध कराता था। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ओडिशा पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने नशीली गोलियों की सप्लाई करने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायर और रिसीवर की पहचान की जा रही है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने और उसे ध्वस्त करने के लिए एंड-टू-एंड जांच जारी है।
बस संचालकों से पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने सभी बस संचालकों और ट्रांसपोर्टरों से अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति, पार्सल, मादक पदार्थ, विस्फोटक या किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति और बस संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





