भिलाई। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में उपभोक्ता स्मार्ट मीटर के कारण बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायत कर रहे हैं। इसी क्रम में भिलाई के वृंदा नगर, कैंप-1 के रहवासियों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी नाराजगी जताई।
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मदर टेरेसा नगर विद्युत वितरण केंद्र पहुंचे और स्मार्ट मीटर व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उनके बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां बिजली बिल उनकी आय और खपत के अनुरूप आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल की राशि कई गुना बढ़ गई है। इससे विशेष रूप से दिहाड़ी मजदूर, निम्न आय वर्ग और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका कहना है कि सीमित आय में घर का खर्च चलाना पहले ही मुश्किल है, ऐसे में बढ़े हुए बिजली बिलों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मीटर की रीडिंग और वास्तविक बिजली खपत के बीच अंतर दिखाई दे रहा है, जिसके कारण बिल अधिक आ रहे हैं।
रहवासियों ने बिजली वितरण केंद्र के सहायक यंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाने, बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कराने तथा उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेने और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर बिजली खपत की सटीक जानकारी देने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं, लेकिन यदि किसी उपभोक्ता को बिल संबंधी शिकायत है तो उसकी जांच कर उचित समाधान किया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से छत्तीसगढ़ के कई शहरों और कस्बों में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बढ़े हुए बिलों और तकनीकी समस्याओं का मुद्दा उठाया है। ऐसे में स्मार्ट मीटर योजना को लेकर जन असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है, जिससे बिजली विभाग और सरकार के सामने लोगों की चिंताओं का समाधान करने की चुनौती खड़ी हो गई है।





