रायपुर। राजधानी रायपुर के भाठागांव क्षेत्र में कथित तौर पर रासायनिक पदार्थों की मदद से नकली पनीर तैयार किए जाने की शिकायत पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (खाद्य सुरक्षा विभाग) ने एक फैक्ट्री में छापामार कार्रवाई की। जांच टीम ने मौके से पनीर के नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त किया गया पनीर खाद्य मानकों पर खरा उतरता है या उसमें किसी प्रकार की मिलावट की गई है।
कांग्रेस ने लगाया बिना दूध के पनीर बनाने का आरोप
इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि फैक्ट्री में दूध के बजाय रासायनिक पदार्थों का उपयोग कर नकली पनीर तैयार किया जा रहा था। उनका दावा है कि सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री के भीतर की गतिविधियों का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि फैक्ट्री संचालक की कुछ अधिकारियों से कथित सांठगांठ होने के कारण उसके विरुद्ध समय पर कार्रवाई नहीं की जाती।
कांग्रेस नेता नवाज ने आरोप लगाया कि शिकायत मिलने के बावजूद विभाग की टीम देर से मौके पर पहुंची। इस दौरान फैक्ट्री संचालक ने कथित रूप से तैयार माल और अन्य सामग्री को हटाने या छिपाने का प्रयास किया। उनका कहना है कि यदि विभाग समय रहते कार्रवाई करता तो अधिक ठोस साक्ष्य हाथ लग सकते थे।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि फैक्ट्री से लिए गए नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि नमूनों में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





