रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी शराब दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की उड़नदस्ता टीम की जांच में तीन शराब दुकानों में ओवररेटिंग की पुष्टि होने के बाद तीन सेल्समैनों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। अब ये कर्मचारी किसी भी सरकारी शराब दुकान में कार्य नहीं कर सकेंगे।
शिकायतों के बाद बनाई गई उड़नदस्ता टीम
आबकारी विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ सरकारी शराब दुकानों पर ग्राहकों से निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रायपुर जिले में जून महीने में एक विशेष उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वाड) का गठन किया गया। इस टीम का उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ ओवररेटिंग की शिकायतों की निगरानी करना है।
औचक निरीक्षण में सामने आई गड़बड़ी
उड़नदस्ता टीम ने पिछले दो महीनों के दौरान कई शराब दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन दुकानों में ग्राहकों से निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद संबंधित सेल्समैनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से हटा दिया गया और भविष्य में किसी भी सरकारी शराब दुकान में नियुक्ति पर रोक लगाने के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।
24 घंटे निगरानी कर रही है टीम
आबकारी विभाग के अनुसार, उड़नदस्ता टीम के प्रभारी सहायक जिला अधिकारी अनिल बंजारे हैं। उनके नेतृत्व में टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है। टीम अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के साथ-साथ शराब दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतों पर भी लगातार कार्रवाई कर रही है।
आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं से की अपील
आबकारी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी शराब दुकान पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूली जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि हर शिकायत पर त्वरित जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके।





