रायपुर। राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक बर्खास्त पुलिसकर्मी को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली बताकर शासकीय विभाग में नियुक्ति कराने का भरोसा दिलाया और अभ्यर्थियों को फर्जी चयन सूची तथा नियुक्ति पत्र सौंपकर उनसे मोटी रकम वसूल ली। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाने का दिया झांसा

पुलिस के अनुसार मामला थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र का है। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने कई युवाओं को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाने का दावा किया। उसने अपने प्रभाव और ऊंची पहुंच का हवाला देकर अभ्यर्थियों का भरोसा जीता और चयन प्रक्रिया पूरी होने का झूठा दावा करते हुए उन्हें फर्जी चयन सूची एवं नियुक्ति पत्र सौंप दिए।

सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में अभ्यर्थियों ने आरोपी को लाखों रुपये दे दिए। बाद में जब नियुक्ति पत्रों और चयन सूची की जांच कराई गई तो सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद पूरे ठगी का पर्दाफाश हुआ।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच

पीड़ितों की शिकायत मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच के दौरान आरोपी की संलिप्तता सामने आई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

बर्खास्त पुलिसकर्मी निकला आरोपी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद इमरान कादरी (37 वर्ष), पिता मोहम्मद इकबाल कादरी, निवासी पेंशनबाड़ा, थाना कोतवाली, रायपुर के रूप में हुई है। उसका वर्तमान पता परसतराई रोड, धरसींवा बताया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर कार्यरत था, लेकिन बाद में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी का शिकार हुए लोगों की संख्या कितनी है।

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