रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े मामलों की वापसी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 16 प्रकरणों की अलग-अलग समीक्षा की गई। विचार-विमर्श के बाद समिति ने 9 मामलों को वापस लेने की अनुशंसा की है।

बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और रामविचार नेताम भी मौजूद रहे। समिति ने प्रत्येक मामले की प्रकृति, उपलब्ध तथ्यों और उसके राजनीतिक आंदोलन से संबंध का परीक्षण किया।


दो मामलों को पुनर्विचार के लिए जिलों को भेजा गया

समीक्षा के दौरान दो प्रकरण ऐसे पाए गए, जिन पर दोबारा विचार की जरूरत महसूस हुई। समिति ने इन मामलों को संबंधित जिलों में पुनर्विचार के लिए भेजने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा कुछ मामलों को राजनीतिक आंदोलन से संबंधित नहीं पाए जाने के कारण समिति ने उन्हें वापस लेने योग्य नहीं माना।


8 लंबित प्रकरणों की स्थिति भी हुई समीक्षा

बैठक में पहले से लंबित 8 प्रकरणों की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों से यह जानकारी ली गई कि पूर्व में अनुशंसित मामलों में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और वे किस स्तर पर लंबित हैं।

न्यायालय में लंबित मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा करने और जरूरी औपचारिकताओं में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए गए।


गृह, विधि और पुलिस विभाग के अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में गृह विभाग, विधि विभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। अधिकारियों ने समिति के सामने विचाराधीन और लंबित मामलों से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की।

समिति ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक प्रकरणों की वापसी से जुड़े मामलों में आगे की कार्रवाई निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही की जाएगी।