अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री अरुण साव ने सरगुजा प्रवास के दौरान महान नदी पुल का औचक निरीक्षण किया। प्रतापपुर-अंबिकापुर-खड़गवां मार्ग पर स्थित पुल की सड़क की खराब हालत देखकर मंत्री का गुस्सा अधिकारियों पर फूट पड़ा। उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर फटकार लगाई। साथ ही सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
पुल की दुर्दशा देखकर अधिकारियों पर भड़के मंत्री
जानकारी के अनुसार, उप मुख्यमंत्री अरुण साव सरगुजा दौरे के दौरान अचानक महान नदी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान पुल की सड़क की बदहाल स्थिति देखकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारी से जवाब मांगा।
मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्य मार्ग पर स्थित इतने बड़े पुल की सड़क की ऐसी हालत होना गंभीर लापरवाही है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के साथ दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
बोले- क्या किसी हादसे का इंतजार कर रहे हो?
निरीक्षण के दौरान अरुण साव ने अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा, "न आपको सेंक्शन में दिक्कत है और न कहीं दिक्कत है। इतना बड़ा ब्रिज है और उसकी ये दुर्दशा। मेन रोड के ब्रिज की ये हालत बनाकर रखे हो। इससे एक्सीडेंट होगा कि नहीं? प्रतीक्षा कर रहे हो एक्सीडेंट का?"
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विभागीय स्तर पर स्वीकृति और अन्य सुविधाओं को लेकर कोई परेशानी नहीं है, तो सड़क की मरम्मत में देरी क्यों की जा रही है।
क्या अब मुझे एक-एक सड़क और पुल देखना पड़ेगा?
अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री साव ने कहा, "मुझे आकर देखना पड़ेगा एक-एक ब्रिज, एक-एक सड़क? आज का तो हुआ नहीं है। बार-बार बोलने के बाद भी समझ नहीं आता है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कों और पुलों की स्थिति पर नजर रखना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसके लिए मंत्री के निरीक्षण का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।
तत्काल सड़क मरम्मत कराने के निर्देश
महान नदी पुल की स्थिति का जायजा लेने के बाद उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़क की खराब स्थिति से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
एसी कमरों से निकलकर मैदान में काम करें अधिकारी
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय मैदानी स्तर पर जाकर सड़कों और पुलों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कामकाज में लापरवाही नहीं चलेगी। जनहित से जुड़े निर्माण और मरम्मत कार्यों में सक्रियता दिखानी होगी।
सरगुजा प्रवास के दौरान मंत्री की नाराजगी ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और सड़कों के रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब महान नदी पुल की सड़क की मरम्मत कितनी जल्दी होती है, इस पर नजर रहेगी।





