रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। पांच दिवसीय इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, सत्र के दौरान प्रश्नकाल, सरकारी विधायी कार्य, वित्तीय विषयों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा होगी।

विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, खाद की उपलब्धता, बिजली-पानी संकट, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक फैसलों और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं, सत्ता पक्ष सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को सदन में प्रमुखता से रखेगा।

बताया जा रहा है कि सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों और वित्तीय प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा जनहित से जुड़े विषयों पर विपक्ष के आक्रामक रुख के चलते सदन में जोरदार बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मानसून सत्र सरकार और विपक्ष, दोनों के लिए अपनी राजनीतिक रणनीति और जनहित के मुद्दों को जनता के सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। आने वाले पांच दिनों तक विधानसभा की कार्यवाही पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी।