दुर्ग। शहर के बोरसीभाठा वार्ड क्रमांक 50 में आधी रात प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के बाद चार मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि जिन मकानों पर कार्रवाई की गई, उनमें आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के परिवार निवास कर रहे थे। देर रात हुई इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
मकान टूटने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच नाराजगी और आक्रोश का माहौल देखा गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अचानक हुई इस कार्रवाई से कई परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने सुरक्षित आश्रय की समस्या उत्पन्न हो गई है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों और समस्याओं को सुना। प्रभावित लोगों ने उन्हें अपनी स्थिति से अवगत कराया और कार्रवाई से हुए नुकसान की जानकारी दी।
परिवारों की स्थिति देखने के बाद अरुण वोरा ने जिला कलेक्टर से दूरभाष पर चर्चा कर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की। बाद में उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी दी और परिवारों के पुनर्वास के संबंध में चर्चा की।
अरुण वोरा ने कहा कि बारिश के मौसम में लोगों को बेघर छोड़ना मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों के लिए जल्द से जल्द पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग लगातार उठ रही है। क्षेत्र के लोगों की नजर अब प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हुई है।





