कोरबा, 6 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित इंदिरा आवास योजना घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 79 लाख रुपये के गबन मामले में आरोपी कियोस्क संचालक गौरव शुक्ला के खिलाफ विशेष न्यायालय में लगभग 3000 पेज का विस्तृत अभियोग पत्र (चार्जशीट) पेश किया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी खामियों और बैंक कर्मचारियों की आईडी का दुरुपयोग कर सैकड़ों हितग्राहियों के खातों से राशि अवैध रूप से अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
स्टाफ आईडी का दुरुपयोग कर किया बड़ा घोटाला
EOW के अनुसार, आरोपी गौरव शुक्ला बैंक ऑफ इंडिया की कोरबा शाखा में कियोस्क संचालक के रूप में कार्यरत था। उसने इंदिरा आवास योजना के लाभार्थियों के निष्क्रिय खातों को बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आईडी का उपयोग कर दोबारा सक्रिय किया।
इसके बाद उसने लाभार्थियों के आधार नंबर हटाकर उनकी जगह अपने, अपने पिता, माता, पत्नी और पुत्र के आधार नंबर लिंक कर दिए। इसके जरिए AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन कर राशि अपने खातों में ट्रांसफर करता रहा।
जांच में कई गंभीर खुलासे
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह पूरा खेल लंबे समय तक चलता रहा और सैकड़ों हितग्राही इस धोखाधड़ी से प्रभावित हुए। आरोपी ने सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर सरकारी योजना की राशि का गलत उपयोग किया।
EOW ने मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।




