बिलासपुर। अपोलो अस्पताल में भर्ती एक गंभीर मरीज को हैदराबाद रेफर करने में अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि एयर एंबुलेंस समय पर पहुंचने के बावजूद अस्पताल प्रशासन आवश्यक एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था नहीं कर सका, जिससे मरीज को उसी दिन एयरलिफ्ट नहीं किया जा सका और उसकी हालत और गंभीर हो गई।
जानकारी के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत राजकुमार अग्रवाल करीब 12 दिन पहले दोस्तों के साथ कोलकाता घूमने गए थे। यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। बिलासपुर लौटने के बाद उन्होंने स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर चार दिन पहले उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बुधवार दोपहर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें हैदराबाद के हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद परिजनों ने करीब 13 लाख रुपये खर्च कर एयर एंबुलेंस बुक की, जो बुधवार शाम करीब 7 बजे चकरभाठा एयरपोर्ट पहुंच गई।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की ओर से समय पर मेडिकल टीम और एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण एयर एंबुलेंस होने के बावजूद मरीज को उसी दिन हैदराबाद नहीं भेजा जा सका। इस देरी से मरीज की हालत और बिगड़ गई तथा परिजनों को करीब 23 लाख रुपये तक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलने पर एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद गुरुवार शाम मरीज को एयर एंबुलेंस के जरिए हैदराबाद रवाना किया गया।
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।




