बलरामपुर के शंकरगढ़ में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला, पुलिस पहले ही नौ आरोपियों को भेज चुकी है जेल, एक साल से अधिक समय से फरार आरोपी विष्णु यादव गिरफ्तार

बलरामपुर, 20 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में फर्जी अंकसूची और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए नियुक्ति कराने के मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है। शंकरगढ़ विकासखंड में सामने आए इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दसवें आरोपी विष्णु यादव (33 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 18 अक्टूबर को पकड़ा गया था। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इससे पहले पुलिस इस प्रकरण में नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।


फर्जी अंकसूची के जरिए आंगनबाड़ी में नियुक्ति कराने का आरोप

जानकारी के अनुसार, शंकरगढ़ विकासखंड में आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर भर्ती के दौरान फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आया था।

एकीकृत बाल विकास परियोजना कुसमी की प्रभारी परियोजना अधिकारी ने 23 अगस्त 2025 को शंकरगढ़ थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी अंकसूची और अन्य दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति प्रक्रिया में किया।


शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की थी जांच

शिकायत मिलने पर शंकरगढ़ पुलिस ने अपराध क्रमांक 115/2025 दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने भर्ती प्रक्रिया में प्रस्तुत शैक्षणिक दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की। जांच के दौरान कई लोगों की कथित संलिप्तता सामने आई।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका उपयोग नियुक्ति प्रक्रिया में करने की साजिश रची थी। इसी आधार पर प्रकरण में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।


अगस्त 2025 में गिरफ्तार किए गए थे नौ आरोपी

इस मामले में पुलिस ने अगस्त 2025 के दौरान नौ आरोपियों को अलग-अलग तारीखों में गिरफ्तार किया था।

24 अगस्त 2025 को सुशीला सिंह, अरमाना, रिजवाना और प्रियंका यादव को गिरफ्तार किया गया।

इसके अगले दिन 25 अगस्त को उमाशंकर पैकरा, शिवनारायण, आबिद अंसारी और समसुद्दीन अंसारी की गिरफ्तारी हुई।

वहीं, 26 अगस्त 2025 को सहीना परवीन को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।

इन गिरफ्तारियों के बाद भी मामले में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपी की तलाश जारी थी।


एक साल से अधिक समय से फरार था विष्णु यादव

पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में आरोपी विष्णु यादव घटना के बाद से फरार चल रहा था।

आरोपी की पहचान विष्णु यादव, पिता प्रेमशंकर यादव, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम भैरोपुर, थाना चलगली, जिला बलरामपुर के रूप में हुई है।

शंकरगढ़ पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। आखिरकार 18 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।


न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा

गिरफ्तारी के बाद विष्णु यादव को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस गिरफ्तारी के साथ आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या दस हो गई है।

पुलिस अब भी संबंधित दस्तावेजों और प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।


भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में दर्ज है मामला

शंकरगढ़ थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 115/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 111 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य अपराधों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।


भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे सवाल

आंगनबाड़ी सहायिका जैसे पदों पर नियुक्ति के लिए फर्जी अंकसूची के कथित इस्तेमाल ने भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

इस तरह के मामलों में शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की प्रामाणिकता और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता महत्वपूर्ण होती है।

शंकरगढ़ में सामने आए इस प्रकरण में पुलिस अब तक दस लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय की कार्यवाही के बाद ही होगी।


दसवें आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच जारी

बलरामपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद लंबे समय से फरार आरोपी विष्णु यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि जांच में सामने आए सभी तथ्यों और दस्तावेजों का परीक्षण किया जाए।

फिलहाल आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में कथित फर्जीवाड़े की जांच जारी है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में प्राप्त साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।