नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाए। साथ ही स्पष्ट किया कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद उनकी पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी। इस बीच परिवार में शोक होने के कारण दीपके दिल्ली से महाराष्ट्र स्थित अपने गांव लौट गए हैं।


प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना

पुलिस हिरासत से बाहर आने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में मोदी भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण हैं।

दीपके ने प्रधानमंत्री पर डराने-धमकाने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उनका यह बयान दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आया है।


दादी के निधन के बाद महाराष्ट्र लौटे दीपके

अभिजीत दीपके की दादी सावित्रीबाई दीपके का 10 अक्टूबर को निधन हो गया था। परिवार में शोक के चलते उन्होंने दिल्ली से अपने पैतृक गांव लौटने का फैसला किया है।

दीपके ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि वह इस कठिन समय में अपने परिवार के साथ रहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।


आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी CJP

दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी पुलिस कार्रवाई और विरोध के बावजूद अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर का दिन देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में याद किया जाएगा।

उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि CJP अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगी।


सौरव दास ने भी केंद्र सरकार पर लगाए आरोप

पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद CJP से जुड़े सौरव दास ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाया।

दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवा वर्ग जवाबदेही की मांग करता रहेगा। उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही।


आशुतोष रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई

CJP के नेता आशुतोष रांका ने भी रिहाई के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बयान दिया। उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि वह इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेंगे।

रांका ने केंद्र सरकार पर देश में शांति और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया।


ध्रुव राठी ने हिरासत में लिए जाने पर उठाए सवाल

इस बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था और देर रात छोड़ दिया था।

रिहाई के बाद राठी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेने के बजाय अगवा किया गया था।

उनके इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


दिल्ली प्रदर्शन के बाद सियासी बयानबाजी तेज

दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पार्टी के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

अभिजीत दीपके के महाराष्ट्र लौटने के बाद भी CJP ने अपना विरोध जारी रखने की बात कही है। वहीं, पुलिस कार्रवाई को लेकर नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।