रायपुर। छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदियों की मौत का आंकड़ा सामने आने के बाद जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले चार वर्षों में राज्य की अलग-अलग जेलों में 285 बंदियों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और जेल महानिदेशक को नोटिस जारी कर बंदियों की मौत के कारणों, जेलों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी मांगी है।
विधानसभा में सामने आया था मौतों का आंकड़ा
जानकारी के अनुसार, विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए जवाब में जेलों में हुई मौतों के पीछे गंभीर बीमारियों और आत्महत्या को प्रमुख कारण बताया गया था। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 में सबसे ज्यादा 90 कैदियों की मौत दर्ज की गई। वहीं जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब 66 बंदियों की मौत होने की जानकारी सामने आई।
जेलों में क्षमता से अधिक बंदियों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल
कैदियों की लगातार हो रही मौतों के बाद जेलों में भीड़भाड़, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही है। मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार से यह जानकारी मांगी है कि जेलों में बंदियों के इलाज, सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि जेलों में कैदियों की देखभाल के लिए वर्तमान में क्या व्यवस्थाएं हैं। साथ ही मौतों के कारणों, जांच प्रक्रिया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी मांगी गई है।
जेल प्रशासन का पक्ष
जेल विभाग का कहना है कि कई बंदियों की मौत गंभीर बीमारियों के चलते इलाज के दौरान हुई है। विभाग ने जेलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और कैदियों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की बात कही है।
अब उठ रहे बड़े सवाल
- क्या प्रदेश की जेलों में कैदियों की संख्या क्षमता से अधिक है?
- क्या बंदियों को समय पर बेहतर इलाज मिल पा रहा है?
- जेलों में डॉक्टरों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की कमी कब दूर होगी?
फिलहाल मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट और राज्य सरकार के जवाब के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





