इटारसी, मध्य प्रदेश। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कार्यकर्ताओं को मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने ट्रेन से उतार दिया। इस कार्रवाई के बाद स्टेशन पर जमकर हंगामा हुआ। जानकारी के अनुसार, गोवा एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे करीब 16 कार्यकर्ताओं में 11 युवक और पांच युवतियां शामिल थीं। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर जबरन हिरासत में लेने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।


गोवा एक्सप्रेस के जनरल कोच से दिल्ली जा रहे थे कार्यकर्ता

जानकारी के मुताबिक, CJP से जुड़े कार्यकर्ता 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गोवा एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन इटारसी जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची, वहां मौजूद पुलिस बल ने घेराबंदी कर कार्यकर्ताओं को नीचे उतार लिया।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्टेशन परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने उन्हें यात्रा के बीच में रोके जाने पर नाराजगी जताई।


पुलिस पर जबरन हिरासत में लेने का आरोप

ट्रेन से उतारे जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोके जाने पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से कार्रवाई के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।


भोपाल से दिल्ली जाने वाली ट्रेन भी निरस्त

इसी बीच रेलवे ने 9 अक्टूबर को रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन के बीच संचालित होने वाली शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस (12155) को निरस्त करने की जानकारी दी है। ट्रेन के रद्द होने के पीछे परिचालन संबंधी कारण बताए गए हैं।

रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।


पटना से दिल्ली जाने वाली चार ट्रेनों के निरस्त होने की खबर

10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर पटना से दिल्ली जाने वाली मगध एक्सप्रेस, तेजस राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस के निरस्त होने की भी खबर सामने आई है।

बताया जा रहा है कि दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आसपास संभावित यातायात दबाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इन ट्रेनों के निरस्तीकरण और प्रदर्शन से उसके संबंध की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।


पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

इटारसी रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ताओं को ट्रेन से उतारे जाने की घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारी इसे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के अपने अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं।

फिलहाल कार्यकर्ताओं के खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई और उन्हें रोके जाने के आधार को लेकर पुलिस के आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।