बिलासपुर। जिले के कोटा क्षेत्र में एक सूने मकान से करीब 15 लाख रुपये मूल्य के जेवरात और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में आरोपी को पकड़ लिया और चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया। हालांकि, आरोपी के पीड़ित परिवार का करीबी रिश्तेदार होने की जानकारी सामने आने के बाद परिवार ने मामला दर्ज नहीं कराने का निर्णय लिया।

जानकारी के अनुसार, रायपुर स्थित मंत्रालय में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर कार्यरत चंद्रकांत जायसवाल का पैतृक घर कोटा के मोहार खार में है। परिवार पिछले एक सप्ताह से रायपुर में था। शुक्रवार रात जब सभी लोग घर लौटे तो मकान का सामान बिखरा मिला। जांच करने पर करीब 12 तोला सोने के जेवर, 300 ग्राम चांदी और एक लाख रुपये नकद गायब मिले।

शनिवार को घटना की सूचना मिलने पर कोटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी आकाश चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदेह के आधार पर एक 20 वर्षीय युवक से पूछताछ की। पूछताछ में युवक ने चोरी की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस की निशानदेही पर चोरी किए गए सभी जेवरात और नकदी का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया गया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पीड़ित परिवार का ही करीबी रिश्तेदार है। इसके बाद परिवार ने आपसी सहमति से कानूनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया।

पीड़ित के पिता कृष्णा कुमार जायसवाल ने पुलिस को शपथ पत्र देकर एफआईआर दर्ज नहीं कराने की इच्छा जताई। इसके बाद पुलिस ने बरामद सामान परिवार को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कर्ज के बोझ से परेशान था। लेनदारों के लगातार दबाव के कारण उसने अपने रिश्तेदार के सूने मकान में चोरी की योजना बनाई। वारदात के बाद उसने जेवरात अपने घर के सामने रेत में गड्ढा खोदकर छिपा दिए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया।