महासमुंद से ट्रैक्टर-ट्रॉली रैली निकालकर रायपुर में कंपनी कार्यालय का घेराव करने की थी तैयारी, किसान नेता तेजराम विद्रोही और जुगनू चंद्राकर को पुलिस ने रोका; सात जिलों के 176 किसानों का भुगतान लंबित होने का दावा
महासमुंद, 23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में किसानों और मजदूरों के बकाया भुगतान को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कावेरी सीड्स कंपनी के खिलाफ आंदोलन की तैयारी कर रहे किसान नेताओं तेजराम विद्रोही और जुगनू चंद्राकर को रायपुर कूच से पहले हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। किसान संगठन का आरोप है कि कंपनी पर किसानों और मजदूरों के करोड़ों रुपये बकाया हैं। भुगतान की मांग को लेकर महासमुंद से ट्रैक्टर-ट्रॉली रैली निकालकर रायपुर स्थित कंपनी कार्यालय का घेराव करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, रैली शुरू होने से पहले ही किसान नेताओं को रोके जाने से आंदोलनकारियों में नाराजगी है।
सात जिलों के 176 किसानों का भुगतान लंबित होने का दावा
भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, कावेरी सीड्स कंपनी पर किसानों और मजदूरों का 4 करोड़ 70 लाख रुपये से अधिक का मूल भुगतान बकाया है। संगठन का दावा है कि छत्तीसगढ़ के सात जिलों के लगभग 176 किसान इस समस्या से प्रभावित हैं।
इनमें महासमुंद जिले के 85 किसानों की राशि भी लंबित बताई जा रही है। किसान संगठन के मुताबिक, बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण प्रभावित किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ब्याज जोड़कर 6.11 करोड़ रुपये से अधिक हुई राशि
किसान यूनियन का कहना है कि करीब 15 महीने से भुगतान लंबित है। संगठन के अनुसार, इस अवधि का ब्याज जोड़ने के बाद कुल बकाया राशि बढ़कर 6 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक हो गई है।
किसानों का आरोप है कि भुगतान के लिए पहले भी कंपनी से मांग की जा चुकी है और आश्वासन मिलने के बावजूद उन्हें रकम नहीं मिली।
हालांकि, बकाया राशि और प्रभावित किसानों की संख्या से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली रैली निकालकर रायपुर पहुंचने की थी तैयारी
बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने महासमुंद से रायपुर तक ट्रैक्टर-ट्रॉली रैली निकालने की योजना बनाई थी। रैली में शामिल किसान राजधानी पहुंचकर कावेरी सीड्स कंपनी के कार्यालय का घेराव करने वाले थे।
किसान संगठनों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उनका उद्देश्य कंपनी और संबंधित अधिकारियों का ध्यान किसानों की आर्थिक समस्याओं की ओर आकर्षित करना था।
रायपुर रवाना होने से पहले किसान नेताओं को हिरासत में लिया
आंदोलन की तैयारियों के बीच किसान नेता तेजराम विद्रोही और जुगनू चंद्राकर को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस कार्रवाई के बाद किसान संगठन के पदाधिकारियों और आंदोलन से जुड़े किसानों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि किसानों की मांगों पर समाधान निकालने के बजाय आंदोलन को रोका जा रहा है।
हालांकि, किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने के कानूनी आधार और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है।
किसान यूनियन ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
भारतीय किसान यूनियन ने किसान नेताओं को रोके जाने पर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि किसानों और मजदूरों को उनकी मेहनत का भुगतान मिलना चाहिए।
यूनियन ने मांग की है कि संबंधित पक्षों के बीच बातचीत कर बकाया भुगतान का मामला जल्द सुलझाया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके।
किसान नेताओं का कहना है कि भुगतान संबंधी समस्या का समाधान होना जरूरी है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को पहल करनी चाहिए।
कंपनी और प्रशासन का पक्ष आना बाकी
कावेरी सीड्स कंपनी पर लगाए गए आरोपों के संबंध में कंपनी का आधिकारिक पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। इसी तरह किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने और रैली रोकने के कारणों पर प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया भी उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल किसानों की प्रमुख मांग बकाया भुगतान सुनिश्चित कराना है। कंपनी और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।





