बलरामपुर जिले में प्रशासन ने रातभर चलाया जांच अभियान, उत्तर प्रदेश से लाए जा रहे धान से भरे दो वाहन पकड़े, एसडीएम के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
बलरामपुर-रामानुजगंज, 23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से पहले अवैध परिवहन रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सीमावर्ती रास्तों से धान लाने के दो मामले सामने आए हैं। प्रशासनिक टीम ने रातभर अभियान चलाकर दो पिकअप वाहनों से कुल 108 बोरी धान जब्त किया है। यह कार्रवाई एसडीएम आनंद राम नेताम के नेतृत्व में की गई। जब्त वाहनों को संबंधित पुलिस थानों के सुपुर्द कर दिया गया है।
चुनापत्थर मार्ग पर पकड़ी गई पहली पिकअप
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब नौ बजे प्रशासनिक टीम रामचंद्रपुर विकासखंड के चुनापत्थर मार्ग पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान उत्तर प्रदेश की दिशा से आ रही एक पिकअप को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में 53 बोरी धान पाया गया।
परिवहन को संदिग्ध मानते हुए अधिकारियों ने धान सहित पिकअप को जब्त कर लिया। इसके बाद वाहन को डिंडो थाने के सुपुर्द कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
आधी रात के बाद दूसरी कार्रवाई, 55 बोरी धान मिला
पहली कार्रवाई के बाद प्रशासनिक टीम ने अभियान जारी रखा। इसी दौरान मंडरू-घुटरा मार्ग पर एक अन्य पिकअप से धान परिवहन किए जाने की जानकारी मिली।
सूचना पर टीम ने वाहन का पीछा किया और रात करीब दो बजे उसे पकड़ लिया। जांच के दौरान पिकअप में 55 बोरी धान मिला। अधिकारियों ने वाहन और धान जब्त कर सनवाल थाने को सौंप दिया।
धान खरीदी से पहले सीमाओं पर कड़ी निगरानी
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को देखते हुए पड़ोसी राज्यों से होने वाले अवैध परिवहन पर प्रशासन की नजर है। सीमावर्ती क्षेत्रों के मुख्य मार्गों के साथ ग्रामीण संपर्क रास्तों पर भी जांच बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों का प्रयास है कि दूसरे राज्यों से लाए गए धान को प्रदेश के खरीदी केंद्रों में अवैध तरीके से बेचने की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
दस्तावेजों की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने दोनों मामलों में कुल 108 बोरी धान और दो पिकअप वाहन जब्त किए हैं। धान कहां से लाया जा रहा था और उसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, संबंधित दस्तावेजों और परिवहन की परिस्थितियों की जांच के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध धान परिवहन के खिलाफ जांच अभियान जारी रहेगा।





