भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के बड़े तेवड़ा गांव में कथित धर्मांतरण और प्रार्थना सभा की आशंका को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। एक ग्रामीण के घर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बाद गांव में धर्मांतरण की चर्चा फैल गई। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ संबंधित घर के सामने पहुंची और उसे घेर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। तनाव को देखते हुए घटना के तीन दिन बाद भी गांव में पुलिस बल तैनात है।
घर में भीड़ जुटने के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक, एक ग्रामीण के घर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि वहां प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है और धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं। इसकी जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घर के सामने जमा हो गए। इस दौरान ग्रामीणों और मकान मालिक के बीच विवाद की स्थिति भी बनी।
हालात बिगड़ने की सूचना पर आमाबेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया।
एसडीएम और एडिशनल एसपी पहुंचे गांव
तनाव की जानकारी मिलने पर अंतागढ़ एसडीएम और एडिशनल एसपी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की और लोगों को समझाइश देकर स्थिति शांत कराई। पुलिस और प्रशासन की टीम मामले से जुड़े लोगों से जानकारी जुटा रही है।
घर मालिक ने कहा- बेटी का जन्मदिन मना रहे थे
वहीं, घर मालिक ने धर्मांतरण और प्रार्थना सभा के आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि घर में उसकी बेटी का जन्मदिन मनाया जा रहा था और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए थे। घर मालिक के मुताबिक, वहां धर्मांतरण से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं हो रही थी। दूसरी ओर ग्रामीणों ने प्रार्थना सभा और धर्मांतरण की आशंका जताई है। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात सामने आई है।
पहले भी सामने आ चुका है विवाद
बड़े तेवड़ा गांव में इससे पहले भी कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद हो चुका है। कुछ महीने पहले हुए विवाद के दौरान क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी थी और गांव में स्थित एक चर्च में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद से पुलिस और प्रशासन क्षेत्र में इस तरह के मामलों को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं।
फिलहाल गांव में स्थिति शांत बताई जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तीन दिन बाद भी पुलिस बल तैनात है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।





