सूरजपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के सिलफिली स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्राचार्य के व्यवहार से नाराज विद्यार्थियों ने मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल पहुंचे। छात्रों और स्टाफ की शिकायतें सुनने के बाद प्राचार्य को फिलहाल 15 दिनों के लिए स्कूल से हटा दिया गया है।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने स्कूल की तालाबंदी खत्म कर अपना प्रदर्शन समाप्त किया। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है।
खराब पंखे और सुविधाओं की कमी से नाराज थे विद्यार्थी
छात्र-छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में लंबे समय से कई पंखे खराब पड़े हैं। कक्षाओं में भी जरूरी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। विद्यार्थियों के मुताबिक समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं होने से नाराजगी बढ़ती गई।
इसके बाद विद्यार्थियों ने विरोध का रास्ता अपनाया और स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया। छात्र अपनी समस्याओं के समाधान के साथ प्राचार्य के व्यवहार को लेकर भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
प्राचार्य के व्यवहार को लेकर भी लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने प्राचार्य के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। एक महिला कर्मचारी ने प्राचार्य पर अभद्र व्यवहार करने और ऊंची आवाज में बात करने का आरोप लगाया। वहीं, कुछ छात्राओं ने भी प्राचार्य पर दुर्व्यवहार और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ के बयान अलग-अलग दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
तहसीलदार और BEO पहुंचे स्कूल
स्कूल में तालाबंदी और प्रदर्शन की सूचना मिलने पर लटोरी तहसीलदार और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। स्कूल स्टाफ से भी मामले की जानकारी ली गई।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उनकी शिकायतों की जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन समाप्त कर स्कूल का ताला खोल दिया।
प्रिंसिपल को 15 दिनों के लिए स्कूल से हटाया
प्रारंभिक जांच में सामने आई शिकायतों के आधार पर प्राचार्य को 15 दिनों के लिए स्कूल से हटाने की कार्रवाई की गई है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निर्णय विस्तृत जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बयानों के साथ स्कूल की व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों की भी पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।





