सूरजपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने बुधवार को सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुपोषण और एनीमिया जैसी गंभीर समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर पूरी व्यवस्था को सक्रिय करना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर योजनाओं की निगरानी करें और प्रतिदिन कम से कम पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें।


बैठक में कलेक्टर रेना जमील, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले समेत दोनों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा

मंत्री रजवाड़े ने जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के रिक्त पदों की जानकारी ली। साथ ही भवनविहीन, किराए के भवनों में संचालित, जर्जर एवं मरम्मत योग्य आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन भवनों के कार्य जल्द पूरा करने और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।


पौष्टिक आहार की गुणवत्ता पर विशेष जोर

बैठक में मीठा शक्ति आहार, नमकीन दलिया और रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर में नियमित जानकारी दर्ज हो और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।


कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाने पर जोर

मंत्री ने कुपोषित बच्चों और एनीमिक महिलाओं की पहचान, निगरानी और उपचार में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर जिले को कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाए।


बाल विवाह रोकने के दिए निर्देश

समीक्षा बैठक में बाल विवाह की रोकथाम पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने सरपंचों और सचिवों को विशेष प्रशिक्षण देकर प्रारंभिक स्तर पर ही बाल विवाह रोकने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने किशोर-किशोरियों को कम उम्र में विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।


हर आंगनबाड़ी में बनेगी पोषण वाटिका

मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने प्रत्येक घर और आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा (सहजन) का पौधा लगाने और पोषण वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुनगा और हरी सब्जियों का नियमित उपयोग बच्चों और महिलाओं में कुपोषण दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


सामाजिक कल्याण योजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सुखद सहारा योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति, सहायक उपकरण वितरण और दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना शामिल रहीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।


मंत्री रजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण देने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास की मजबूत नींव हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त सूरजपुर बनाने का आह्वान किया।