रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम का छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन हो चुका है और अब इसके नियम (Rules) भी जल्द अधिसूचित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून लागू करने की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब दूसरा चरण जल्द पूरा किया जाएगा।


मीडिया से चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक नियमों का प्रकाशन अगला कदम है। नियम अधिसूचित होने के बाद कानून के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई और प्रक्रिया को और स्पष्ट किया जाएगा।


बस्तर की स्थिति का उल्लेख करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि माओवादी लंबे समय तक बस्तर में वर्ग संघर्ष खड़ा करने में सफल नहीं हो सके, लेकिन धर्मांतरण के कारण कई गांवों में धार्मिक तनाव और सामाजिक विभाजन की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि "जो काम माओवाद नहीं कर पाया, वह धर्मांतरण ने कर दिया।" उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाना है।


इस दौरान महादेव सट्टा एप मामले में आरोपी विकास गर्ग की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि कानून के सामने सभी समान हैं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा से जुड़ा कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।


विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि महादेव सट्टा एप मामले को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का संरक्षण मिला था और वर्तमान राज्य सरकार इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर कार्रवाई कर रही हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में विकास गर्ग को भाजपा से जुड़ा पदाधिकारी बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने दोहराया कि जांच निष्पक्ष होगी और राजनीतिक पहचान के आधार पर किसी को राहत नहीं दी जाएगी।