डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ भाजपा में संगठनात्मक असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं के इस्तीफों के बाद अब भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के डोंगरगढ़ मंडल के नवनियुक्त सह संयोजक पंकज अग्रवाल ने भी अपनी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। खास बात यह है कि उनकी नियुक्ति के अगले ही दिन यह फैसला सामने आया, जिससे संगठन के भीतर चल रही हलचल फिर चर्चा में आ गई है।

पंकज अग्रवाल ने भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजे अपने इस्तीफे में कहा है कि वे पार्टी की आईटी सेल से जुड़े हुए हैं, लेकिन निजी और व्यावसायिक व्यस्तताओं के कारण संगठन को अपेक्षित समय नहीं दे पा रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने आईटी सेल की जिम्मेदारियों के साथ-साथ पार्टी के सभी दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया है।

अपने पत्र में उन्होंने पार्टी नेतृत्व द्वारा मिले विश्वास, सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी संगठन के प्रति सम्मान बनाए रखने की बात कही है।

हालांकि इस्तीफे में किसी प्रकार के मतभेद या आरोप का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब डोंगरगढ़ भाजपा पहले से ही लगातार इस्तीफों के कारण सुर्खियों में है। इससे पहले 111 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे, उसके बाद 26 नेताओं के पद छोड़ने,

पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष सुमित मिश्रा के इस्तीफे और फिर उसे वापस लेने जैसे घटनाक्रम संगठन के भीतर चल रही खींचतान की ओर संकेत कर चुके हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई नियुक्तियों के तुरंत बाद सामने आ रहे इस्तीफे संगठन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। हालांकि पंकज अग्रवाल ने अपने इस्तीफे में किसी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है और केवल निजी कारणों का हवाला दिया है।

अब निगाहें पार्टी नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह लगातार सामने आ रहे इन इस्तीफों के बीच संगठनात्मक संतुलन कैसे बनाए रखता है और असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को साथ लाने के लिए क्या रणनीति अपनाता है।