रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस सप्ताह प्रशासन, शिक्षा, राजनीति और सरकारी व्यवस्था से जुड़े कई मामले चर्चा में रहे। दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलसचिव की गिरफ्तारी से लेकर सांसद और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के बीच विवाद, सरकारी कार्यालयों में तीन साल से एक ही डेस्क पर जमे कर्मचारियों के काम में बदलाव और स्कूल शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था तक कई घटनाक्रम सामने आए हैं।
दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलसचिव की गिरफ्तारी
दुर्ग विश्वविद्यालय से जुड़े एक मामले में दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि महिला से निजी घर में काम कराया जाता था और उसके वेतन का बड़ा हिस्सा कुलसचिव के बेटे के खाते में ट्रांसफर कराया जाता था। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद कुलसचिव की गिरफ्तारी हुई। उनके खिलाफ पूर्व में भी सरकारी वाहन के निजी इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोप लगने की बात सामने आई है।
बृजमोहन अग्रवाल और IAS अमित कटारिया के बीच विवाद
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के बीच पत्राचार को लेकर शुरू हुआ विवाद लोकसभा तक पहुंच गया। सांसद का आरोप है कि उनके पत्रों का लंबे समय तक जवाब नहीं दिया गया। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद फोन पर हुई बातचीत को लेकर भी विवाद बढ़ा और बाद में विशेषाधिकार हनन की शिकायत की गई।
BSP में कथित लोहा चोरी को लेकर सियासत
भिलाई इस्पात संयंत्र में कथित लोहा चोरी का मामला भी राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मामले में बड़े नेटवर्क और कथित मिलीभगत को लेकर आरोप लगाए हैं। प्रकरण की जांच के बीच संयंत्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
तीन साल से एक डेस्क पर जमे कर्मचारियों का बदलेगा काम
सरकारी कार्यालयों में लंबे समय से एक ही डेस्क पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश सामने आए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के मुताबिक, किसी अधिकारी या कर्मचारी को एक ही डेस्क पर तीन साल से अधिक समय तक नहीं रखा जाएगा। विशेष परिस्थितियों में उसी स्थान पर बनाए रखने की स्थिति में लिखित कारण दर्ज करना होगा।
ऑनलाइन शॉपिंग की शिकायतों में बढ़ोतरी
ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ उपभोक्ताओं की शिकायतें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, एक साल में देशभर में ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ पांच लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। छत्तीसगढ़ से भी ऑनलाइन खरीदारी से संबंधित शिकायतों में बढ़ोतरी की बात सामने आई है।
युवा राजनीति में चुनावी खर्च पर सवाल
युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों में कथित रूप से होने वाले भारी खर्च को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चर्चा इस बात को लेकर है कि यदि संगठन के महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचने के लिए अधिक आर्थिक संसाधनों की जरूरत बढ़ती है, तो सामान्य कार्यकर्ताओं के लिए संगठन में आगे बढ़ना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
अटैचमेंट खत्म होने के बाद प्रतिनियुक्ति पर चर्चा
स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले अटैचमेंट व्यवस्था समाप्त करने की दिशा में कदम उठाया था। अब आवश्यकता के आधार पर कलेक्टर और संभागायुक्त कार्यालय स्कूलों के कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर मांग सकते हैं। हालांकि, इसमें यह शर्त रखी गई है कि संबंधित स्कूल कर्मचारीविहीन नहीं होना चाहिए।
इन अलग-अलग घटनाक्रमों के बाद प्रदेश में सरकारी व्यवस्था की जवाबदेही, पारदर्शिता, अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी और राजनीतिक-प्रशासनिक समन्वय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।





