नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान को लेकर पार्टी हाईकमान अब सक्रिय हो गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को सौंप दी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर संगठनात्मक बदलाव और नेतृत्व को लेकर जल्द बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, भूपेश बघेल ने पिछले छह दिनों के दौरान पंजाब के विभिन्न नेताओं, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात कर जमीनी हालात का आकलन किया। इसके बाद तैयार रिपोर्ट दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व को सौंपी गई है।
पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर लंबे समय से असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक संगठन में बदलाव की मांग कर रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।
राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुई अहम बैठक में भी पंजाब के राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। अब भूपेश बघेल की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि पार्टी संगठन में बदलाव होगा या मौजूदा नेतृत्व के साथ ही आगे बढ़ा जाएगा।
कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक विवाद समाप्त कर पार्टी को एकजुट किया जाए, ताकि चुनावी तैयारियों को गति मिल सके।





