बस्तर। बस्तर संभाग में लंबे समय से तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों की चरणबद्ध वापसी शुरू होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक करीब 30 प्रतिशत पैरामिलिट्री फोर्स वापस लौट चुकी है। आने वाले छह महीनों में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि वापसी की अंतिम संख्या और समयसीमा को लेकर आधिकारिक विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है।


बस्तर में लंबे समय से तैनात हैं केंद्रीय बल

नक्सल प्रभावित बस्तर के अंदरूनी और संवेदनशील इलाकों में लंबे समय से CRPF, ITBP और BSF के जवान तैनात हैं। संभाग में 400 से अधिक सुरक्षा कैंप संचालित होने की जानकारी है, जबकि राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 52 हजार जवान तैनात बताए जा रहे हैं।


राज्य पुलिस की कमी बन सकती है चुनौती

केंद्रीय बलों की वापसी के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस में रिक्त पदों का मुद्दा भी अहम हो गया है। जानकारी के अनुसार राज्य पुलिस में करीब 20 हजार पद खाली हैं। ऐसे में यदि केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कम होती है, तो बस्तर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी का बड़ा हिस्सा राज्य पुलिस के कंधों पर आ सकता है।


नक्सल ऑपरेशन और विकास कार्यों की सुरक्षा से जुड़ी रही तैनाती

बस्तर में केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी का संबंध केवल नक्सल विरोधी अभियानों से ही नहीं, बल्कि सुरक्षा कैंपों, सड़कों और अन्य विकास कार्यों की सुरक्षा से भी रहा है। ऐसे में चरणबद्ध वापसी के बाद राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।


आधिकारिक स्थिति साफ होना बाकी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि केंद्रीय बलों की वापसी किन-किन इलाकों से होगी और कितनी संख्या में जवानों की तैनाती कम की जाएगी। आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही बस्तर की सुरक्षा व्यवस्था में होने वाले बदलाव की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।