रायपुर। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज ने संगठनात्मक तैयारियों और प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। वहीं सीजीपीएससी भर्ती, पेपर लीक मामलों और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

15 अगस्त के बाद ब्लॉक अध्यक्षों का प्रशिक्षण

दीपक बैज ने बताया कि 15 अगस्त के बाद प्रदेशभर में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। अगस्त में सरगुजा और बस्तर संभाग के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि सितंबर में बाकी संभागों में यह अभियान चलेगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक में संगठन के कामकाज पर विस्तार से चर्चा हुई। कनेक्ट सेंटर के जरिए संगठन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कार्यों की सराहना भी की गई है। जिला, मंडल और पंचायत स्तर तक संगठन विस्तार को लेकर भी सकारात्मक समीक्षा हुई।

नई पीसीसी टीम में नए चेहरों को मिलेगा अवसर

बैज ने कहा कि पार्टी वर्ष 2028 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर संगठन को तैयार कर रही है। नई पीसीसी कार्यकारिणी में 10 से 20 प्रतिशत नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि अधिकांश अनुभवी पदाधिकारी अपनी भूमिका में बने रहेंगे। जो पदाधिकारी सक्रिय नहीं हैं, उनकी जगह नए कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा।

सीजीपीएससी भर्ती पर सरकार से पूछे सवाल

सीजीपीएससी भर्ती मामले में भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए दीपक बैज ने कहा कि भाजपा ने इसी मुद्दे को चुनावी हथियार बनाया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का दावा कर रही है तो चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्तियां क्यों दी जा रही हैं। यदि अनियमितता साबित होती है तो सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।

पेपर लीक कानून की प्रभावशीलता पर उठाए सवाल

एंटी पेपर लीक कानून का जिक्र करते हुए बैज ने कहा कि पहले भी ऐसा कानून बनाया गया था, लेकिन उसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में कार्रवाई अधूरी रही और दोषियों को राहत मिल गई। उनका कहना था कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं, उसका सख्ती से पालन भी जरूरी है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को घेरा

स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाते हुए दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में लोग मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने अस्पतालों की व्यवस्थाओं और बाजार में कथित रूप से नकली दवाइयों की बिक्री को लेकर भी चिंता जताई।

बैज ने कहा कि सरकार को प्रचार से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और आम लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए।