पुदुचेरी/रायपुर। शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्ययन यात्रा के दूसरे दिन पुदुचेरी में बुधवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के सदस्य एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, कौशल प्रशिक्षण और युवाओं के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में पुदुचेरी सरकार, भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और प्रमुख सरकारी बैंकों द्वारा महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।


महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना विकास की पहली शर्त

बैठक में पुदुचेरी सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किसी भी विकसित समाज की मजबूत नींव महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक आत्मनिर्भरता पर टिकी होती है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 'महतारी वंदन योजना' के माध्यम से लाखों महिलाओं को प्रतिमाह सीधे आर्थिक सहायता देकर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है। इसी तरह देश के अन्य राज्यों में भी महिलाओं के लिए प्रभावी योजनाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।


CSR फंड का लाभ सीधे महिलाओं और बच्चों तक पहुंचे

बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और उपक्रमों द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सुझाव दिया कि CSR फंड का बड़ा हिस्सा महिलाओं के कौशल विकास, बाल शिक्षा, कुपोषण उन्मूलन और महिला उद्यमियों को आसान ऋण उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता निभाने के बजाय योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए।


संसद में पेश होगी समिति की रिपोर्ट

बैठक में लिए गए सुझावों और अध्ययन के निष्कर्षों को संसदीय स्थायी समिति अपनी आगामी रिपोर्ट के माध्यम से संसद में प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर महिला, बाल एवं युवा कल्याण से जुड़ी नीतियों को और अधिक प्रभावी एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।


श्री अरबिंदो आश्रम पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

समीक्षा बैठक से पहले सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक और अन्य सदस्यों के साथ पुदुचेरी स्थित श्री अरबिंदो आश्रम का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने महान दार्शनिक, स्वतंत्रता सेनानी और आध्यात्मिक गुरु श्री अरबिंदो की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद समिति ने श्री अरबिंदो अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा केंद्र (SAICE) का भी दौरा किया, जहां समग्र और मूल्य आधारित शिक्षा प्रणाली का अध्ययन किया गया।


शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, व्यक्तित्व का विकास

इस अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि श्री अरबिंदो ने शिक्षा को केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति की आंतरिक क्षमता और व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास का साधन माना था। उन्होंने कहा कि आज देश के युवाओं को आत्मनिर्भर, संस्कारित और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित बनाने के लिए ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है, जो उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखार सके।

बैठक में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक सहित टी. सुमति, रेखा शर्मा, स्वाति मालीवाल, शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया, जितेंद्र कुमार दोहरे, कामाख्या प्रसाद तासा, जियाउर रहमान, कांस्टैंडाइन रविंद्रन, भीम सिंह, सिकंदर कुमार और दर्शन सिंह चौधरी सहित महिला एवं बाल विकास विभाग, भारत सरकार के मंत्रालयों, इंडियन बैंक, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, एनएलसी इंडिया लिमिटेड, भेल (BHEL) और चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।