जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामले में पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के अगले ही दिन बालिका को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
यह मामला जशपुर जिले के कोल्हेनझरिया चौकी, थाना तुमला क्षेत्र का है। घटना जून 2025 की है। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को सजा सुनाई।
रथ मेला देखने गई थी 14 वर्षीय बालिका
जानकारी के मुताबिक, 28 जून 2025 को 14 वर्षीय बालिका अपनी छोटी बहन के साथ क्षेत्र में आयोजित रथ मेला देखने गई थी। शाम को छोटी बहन अकेली घर लौट आई, जबकि बड़ी बहन वापस नहीं पहुंची।
परिजनों ने जब छोटी बेटी से उसकी बहन के बारे में पूछा तो शुरुआत में वह डर के कारण कुछ नहीं बता सकी। बाद में उसने रोते हुए परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दी।
छोटी बहन ने आरोपी के बारे में दी जानकारी
पुलिस के अनुसार, छोटी बहन ने परिजनों को बताया कि सन्नु चौहान उर्फ सोनू चौहान (32) उसकी बड़ी बहन को अपने साथ ले गया था। आरोप था कि युवक ने छोटी बहन को इस बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
इसके बाद परिजनों ने आसपास और संभावित स्थानों पर बालिका की तलाश की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसके पिता ने 30 जून 2025 को कोल्हेनझरिया चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू की।
1 जुलाई को बालिका बरामद, आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने 1 जुलाई 2025 को नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से बरामद किया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई की गई।
पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
BNS, POCSO और SC-ST Act के तहत दर्ज हुआ था मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2)(m), पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 तथा एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की थी।
जांच के दौरान साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में मामला पेश किया।
कोर्ट ने सुनाई 20 साल की कठोर कैद
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
करीब एक साल पुराने इस मामले में अदालत का फैसला आने के साथ आरोपी को लंबी अवधि के कारावास की सजा मिली है।





