नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अमेरिका के क्रिकेटर बोदुगुम अखिलेश रेड्डी पर बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें आठ साल के लिए सभी प्रकार के क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें आईसीसी के भ्रष्टाचार रोधी नियमों (Anti-Corruption Code) के तीन गंभीर प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने के बाद की गई है।

आईसीसी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 26 वर्षीय अखिलेश रेड्डी का मामला यूएई में आयोजित 2025 अबूधाबी टी10 लीग से जुड़ा है। इस टूर्नामेंट के लिए एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने आईसीसी को भ्रष्टाचार रोधी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी थी।

21 नवंबर 2025 से प्रभावी हुआ प्रतिबंध

आईसीसी ने बताया कि रेड्डी पर लगाया गया आठ वर्ष का प्रतिबंध 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा। इसी दिन उन्हें पहली बार अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधिकरण ने उन्हें भ्रष्टाचार रोधी संहिता के तीन अलग-अलग उल्लंघनों का दोषी माना।

इन आरोपों में दोषी पाए गए

जांच के दौरान अखिलेश रेड्डी पर निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए—

  • मैच के परिणाम या खेल की प्रगति को अनुचित तरीके से प्रभावित करने का प्रयास करना।
  • दूसरे खिलाड़ी को भ्रष्ट गतिविधि में शामिल होने के लिए प्रेरित करना।
  • जांच के दौरान मोबाइल फोन से अहम संदेश और डेटा हटाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश करना।

मैच से पहले साथी खिलाड़ी को दिया था प्रस्ताव

आईसीसी की जांच में सामने आया कि 19 नवंबर 2025 को अबूधाबी टी10 लीग में एस्पिन स्टैलियंस के पहले मुकाबले से पहले होटल में रेड्डी ने टीम प्रबंधन के इशारे पर एक साथी खिलाड़ी से संपर्क किया। आरोप है कि उन्होंने खिलाड़ी से मैच के दौरान जानबूझकर अतिरिक्त रन देने का प्रस्ताव रखा।

हालांकि संबंधित खिलाड़ी ने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया और इसकी सूचना आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) को दे दी। इसके बाद उसे मैच शुरू होने से ठीक पहले अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया।

आईसीसी का सख्त संदेश

आईसीसी ने अपने फैसले के जरिए स्पष्ट किया है कि क्रिकेट में किसी भी प्रकार की भ्रष्ट गतिविधि या जांच में बाधा डालने की कोशिश को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।