रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2004 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया एक नए विवाद में घिर गए हैं। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत दर्ज कराई है। सांसद का आरोप है कि स्वास्थ्य सचिव ने जनप्रतिनिधि के रूप में भेजे गए पत्रों और जनहित से जुड़े मामलों की लगातार अनदेखी की तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

सांसद ने लगाए गंभीर आरोप

शिकायत में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न जनहित के मामलों में कई बार पत्र और स्मरण पत्र भेजे, लेकिन लंबे समय तक उनका कोई जवाब नहीं दिया गया। आरोप है कि इस दौरान स्वास्थ्य सचिव का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहा और जनप्रतिनिधियों के प्रति मर्यादित व्यवहार भी नहीं किया गया। इसी आधार पर सांसद ने इसे संसद सदस्य के विशेषाधिकार का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

कौन हैं आईएएस अमित कटारिया?

अमित कटारिया का जन्म 15 अक्टूबर 1979 को हरियाणा के गुरुग्राम के एक संपन्न कारोबारी परिवार में हुआ। परिवार का दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट का बड़ा व्यवसाय है, लेकिन उन्होंने निजी कारोबार की बजाय प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना।

उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के. पुरम से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में वर्ष 2003 में ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए और उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला।

सादगी और अलग कार्यशैली को लेकर रहे चर्चा में

अमित कटारिया अपने प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ सादगीपूर्ण जीवनशैली और पारदर्शी कार्यशैली को लेकर भी अक्सर चर्चा में रहे हैं। उनकी पत्नी अस्मिता हांडा पेशे से कमर्शियल पायलट हैं। पारिवारिक संपन्नता और प्रशासनिक सेवा में योगदान के कारण वे देश के चर्चित आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं।

अब क्या होगा आगे?

सांसद की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष पहुंच चुकी है। यदि शिकायत को प्रथम दृष्टया उचित पाया जाता है तो मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जा सकता है। फिलहाल इस मामले में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।