बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के एक बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। बिलासपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य में कोई झोलाछाप डॉक्टर नहीं है और सभी अपने-अपने स्तर पर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिना लाइसेंस या नियमों के विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ शासन लगातार कार्रवाई कर रहा है।
मंत्री बोले- किसी के काम का अपमान नहीं होना चाहिए
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि समाज में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के कार्यों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रही है, जो बिना वैध अनुमति या नियमों का उल्लंघन करते हुए चिकित्सा संबंधी कार्य कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के कार्य को अपमानित करने वाली भाषा का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
कांग्रेस पर साधा निशाना
श्यामबिहारी जायसवाल ने इस दौरान कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास जनहित से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं हैं और वह केवल राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल जैसे मुद्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस के भीतर एकजुटता की कमी है और पार्टी के नेता अक्सर अलग-अलग बयान देते हैं।
अटल श्रीवास्तव ने जताई आपत्ति
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिना डिग्री और आवश्यक योग्यता के लोगों का इलाज करना मरीजों के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसे मामलों में सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और किसी भी तरह से अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वालों का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए।
बयान को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस विधायक के बयानों के बाद प्रदेश में झोलाछाप डॉक्टरों के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब इस विषय पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि आम लोगों की अपेक्षा है कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।





