रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज पांचवां और अंतिम दिन है। सदन की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल, शासकीय कार्य और अंतिम ढाई घंटे में अशासकीय कार्य लिए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।
प्रश्नकाल में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और दयालदास बघेल विभिन्न सवालों के जवाब देंगे। वहीं, वित्त मंत्री ओपी चौधरी स्थानीय निकायों से संबंधित भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखेंगे। इसके अलावा विधायक गोमती साय, धर्मजीत सिंह और भैयालाल राजवाड़े विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
सत्र के अंतिम दिन सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव के आसार हैं। कांग्रेस ने सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्वीकार करते हुए आज चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया है। राज्य गठन के बाद यह छत्तीसगढ़ विधानसभा में लाया गया दसवां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले पेश हुए सभी नौ अविश्वास प्रस्ताव बहुमत नहीं मिलने के कारण खारिज हो चुके हैं। आज नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सदन में प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करेंगे।
गौरतलब है कि गुरुवार को सदन में फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों के आधार पर उद्योगों को भूमि आवंटन का मुद्दा जोर-शोर से उठा था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्वीकार किया कि रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के ग्राम अल्दा में ग्रामसभा प्रस्ताव में कथित जालसाजी की शिकायत मिली है। उन्होंने बताया कि मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इस पर भूपेश बघेल ने संबंधित उद्योग का भूमि आवंटन रद्द करने और दोषी सरपंच तथा सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। वहीं, सदन ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 को भी पारित कर दिया।





