बलरामपुर, 11 अगस्त 2026। रिश्वतखोरी के मामले में फंसे शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी गौतम सिंह आयम पर बड़ी कार्रवाई हुई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने उन्हें 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। अब विभागीय कार्रवाई के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

गौतम सिंह आयम की मूल पदस्थापना विकासखंड वाड्रफनगर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इंजानी में थी। वह सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ थे और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय वाड्रफनगर में संलग्न होकर कार्य कर रहे थे।

12 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा था ACB ने

मामला 13 अगस्त 2024 का है। एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए गौतम सिंह आयम को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। गिरफ्तारी के बाद ACB ने उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया था।

न्यायालय के आदेश पर गौतम सिंह आयम को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया था। इसके बाद मामले में कानूनी और विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

विभागीय कार्रवाई के बाद सेवा समाप्त

रिश्वतखोरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने भी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय प्रक्रिया शुरू की। प्रकरण में कार्रवाई पूरी होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने गौतम सिंह आयम को शासकीय सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।

आदेश जारी होने के साथ ही उनकी सरकारी सेवा समाप्त हो गई है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के मामलों में कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।

भ्रष्टाचार पर विभाग का सख्त संदेश

ACB की कार्रवाई के करीब दो साल बाद कर्मचारी की बर्खास्तगी से विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी सेवा में भ्रष्ट आचरण के मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद अब नौकरी से बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई चर्चा में है।