पति की लापरवाही बनी पत्नी की मौत की वजह, कोर्ट ने बीमा कंपनी को 18 लाख देने का आदेश
बिलासपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी मनीषा ठाकुर की अदालत ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाली 22 वर्षीय विवाहिता अंजनी ध्रुव के परिजनों के पक्ष में 18,03,720 रुपये का क्लेम अवार्ड पारित किया है।
यह हादसा 16 दिसंबर 2023 को हुआ था। ग्राम भिलाई (मस्तुरी) निवासी अंजनी ध्रुव अपने पति चोलाराम ध्रुव के साथ मोटरसाइकिल से अस्पताल जा रही थीं। इसी दौरान भिलाई पुल के पास पति ने वाहन तेज और लापरवाहीपूर्वक चलाया, जिससे अंजनी सड़क पर गिर गईं और उनकी मौत हो गई। मामले में थाना मस्तुरी में मर्ग कायम किया गया था।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावा किया कि हादसे में मृतिका की भी लापरवाही थी और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। हालांकि, अदालत ने पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर यह दलील खारिज कर दी। रिकॉर्ड में चालक के पास वर्ष 2035 तक वैध लाइसेंस होना प्रमाणित पाया गया।
मृतिका की आय का कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अदालत ने श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के आधार पर 10,100 रुपये मासिक आय मानकर मुआवजे की गणना की।
कोर्ट ने यह भी माना कि मृतिका अपने पति के साथ अलग रह रही थी, इसलिए जेठ-जेठानी को आश्रित नहीं माना गया। अदालत ने केवल सास कमला बाई को मुख्य आश्रित स्वीकार किया।
अदालत ने आदेश दिया कि जेठ-जेठानी और उनके बच्चों को स्नेह हानि के मद में कुल 1,92,000 रुपये नकद दिए जाएं। वहीं मुख्य आश्रित सास को मिलने वाली राशि का 30 प्रतिशत हिस्सा तीन वर्ष के लिए बैंक में फिक्स डिपॉजिट किया जाएगा, ताकि उन्हें नियमित ब्याज मिलता रहे और राशि सुरक्षित रहे। शेष 70 प्रतिशत राशि तत्काल जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।





