रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और प्रसिद्ध समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने समाज सुधार और महिला उत्थान के क्षेत्र में मिनीमाता के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन मानव सेवा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष को समर्पित रहा।

सीएम साय ने कहा कि मिनीमाता ने समाज में व्याप्त बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई। उन्होंने इन मुद्दों को केवल सामाजिक मंचों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि संसद में भी उठाकर महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों की पैरवी की।

मानव सेवा के लिए समर्पित रहा मिनीमाता का जीवन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मिनीमाता ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सेवा को प्राथमिकता दी। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के लिए किए गए उनके प्रयास आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं।

उन्होंने कहा कि मिनीमाता का व्यक्तित्व सेवा, समर्पण और सामाजिक न्याय की भावना का प्रतीक रहा है। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा।

मिनीमाता के नाम पर दिया जाता है राज्य अलंकरण पुरस्कार

सीएम साय ने बताया कि समाज और महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में मिनीमाता के उल्लेखनीय योगदान को सम्मान देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदान करती है। यह सम्मान उनके सामाजिक योगदान और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मिनीमाता का सेवाभावी व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को भी सदैव प्रेरणा देता रहेगा।