रायपुर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों के परिवारों को राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा करते हुए दिवंगत श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
दिल्ली दौरे से लौटने के बाद पत्रकारों से चर्चा में मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के विजेताओं का राष्ट्रपति द्वारा सम्मान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नक्सल प्रभावित बस्तर में तेजी से हो रहे विकास कार्यों, विद्युतीकरण, आयुर्वेद आधारित एम्स की स्थापना और अन्य परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों को गति देने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आने वाले समय में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में 'लखपति दीदी' सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी है।
महानदी जल विवाद पर तीन महीने में समाधान की उम्मीद
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि महानदी जल विवाद को लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की मौजूदगी में ओडिशा के मुख्यमंत्री के साथ सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए अगले तीन महीनों के भीतर जल बंटवारे पर सहमति बन सकती है।
रेल और बुनियादी ढांचे पर भी हुई अहम चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री के साथ बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसके अलावा बस्तर क्षेत्र में किरंदुल से बीजापुर तक रेल संपर्क विकसित करने समेत अन्य रेल परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में मोबाइल नेटवर्क मजबूत करने के लिए केंद्रीय मंत्री से अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्थापना पर चर्चा हुई। पहले स्वीकृत 500 से अधिक मोबाइल टावरों के लिए केंद्र सरकार का आभार भी जताया। साथ ही बस्तर के 400 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाने और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के विस्तार को लेकर भी केंद्र से सहयोग मांगा गया।
कांग्रेस पर साधा निशाना
आतंकी हमले को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया पर मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर मुद्दे में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की साजिश दिखाई देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को तथ्यों के आधार पर राजनीति करनी चाहिए और "अपना नजरिया बदलने की जरूरत है।"
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के पलायन संबंधी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। विकसित भारत अभियान, नई औद्योगिक नीति और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को लगातार रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।





