बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावों से पहले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी संबंधित ट्रायल कोर्ट से लंबित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट भी तलब की है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों का अनावश्यक रूप से लंबित रहना न्यायिक प्रक्रिया के उद्देश्य के अनुरूप नहीं है। अदालत ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को आदेश का पालन सुनिश्चित करने तथा संबंधित निचली अदालतों तक निर्देश तत्काल पहुंचाने के लिए कहा है।
सुनवाई के दौरान न्यायमित्र (Amicus Curiae) ने अदालत को बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सांसदों और विधायकों से जुड़े कई आपराधिक प्रकरण अभी भी विचाराधीन हैं। इनमें कुछ मामलों में हाल के दिनों में प्रगति हुई है, जबकि कई मामलों में ट्रायल जारी है। अदालत ने इन सभी मामलों की अद्यतन रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, विधायक बालेश्वर साहू समेत कई जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। वहीं ईडी (ED), पीएमएलए (PMLA) और सीबीआई से जुड़े विशेष न्यायालयों में भी कुछ जनप्रतिनिधियों के मामलों की सुनवाई जारी है।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त निर्धारित की है। तब तक सभी संबंधित ट्रायल कोर्ट को लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अदालत ने संकेत दिया है कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों का शीघ्र और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित किया जाए।





