अबूझमाड़ में माओवादियों के सुरक्षित ठिकाने ध्वस्त, एक करोड़ नकद व हथियारों का जखीरा बरामद

नारायणपुर (संवाददाता): छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 'माड़ बचाओ अभियान' के तहत मंगलवार को संयुक्त सुरक्षा बलों ने अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में माओवादियों के एक बड़े 'डंप' (गुप्त भंडार) का भंडाफोड़ किया। सुरक्षा बलों ने मौके से एक करोड़ एक लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी समेत एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया है।

एक महीने चला सघन सर्च ऑपरेशन

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नारायणपुर पुलिस, डीआरजी (DRG), एसटीएफ (STF), आईटीबीपी (ITBP) और बीएसएफ (BSF) की संयुक्त टीमों ने पिछले एक माह से इलाके में सघन तलाशी अभियान छेड़ रखा था। खुफिया सूचनाओं और स्थानीय ग्रामीणों से मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने अबूझमाड़ के भीतर कई संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी की। माओवादियों ने घने जंगलों की आड़ में इस गोपनीय ठिकाने को रसद, हथियार आपूर्ति और आईईडी (IED) निर्माण के मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया था।

कमर तोड़ने वाली कार्रवाई

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस बरामदगी से माओवादियों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को करारा झटका लगा है। बरामद सामग्री में भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक शामिल हैं, जिसका उपयोग किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था। इस सफल ऑपरेशन ने क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।