रायपुर, 17 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई। सदन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का विस्तृत आरोप पत्र पेश करते हुए विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास किया।


136 बिंदुओं में सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए डॉ. चरणदास महंत ने सरकार की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था, किसानों, युवाओं, बेरोजगारी, प्रशासनिक व्यवस्था, विकास कार्यों और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरने में विफल रही है और इसी कारण कांग्रेस को अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा।


अजय चंद्राकर का विपक्ष पर तंज

चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा के इतिहास में संभवतः पहली बार ऐसा हो रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत स्वयं नेता प्रतिपक्ष कर रहे हैं।

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह स्थिति बताती है कि विपक्ष के अपने सदस्यों को भी नेता प्रतिपक्ष पर पूरा भरोसा नहीं है।


भूपेश बघेल ने किया समर्थन का प्रदर्शन

अजय चंद्राकर की टिप्पणी के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और गरमा गया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्षी विधायकों से हाथ उठाकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के प्रति अपना समर्थन जताने को कहा। विपक्ष के कई सदस्यों ने हाथ उठाकर उनका समर्थन भी किया।


'ये तो कॉमेडी हो गई'— अजय चंद्राकर

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, "ये तो कॉमेडी हो गई। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष लेकर आया है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष को ही अपने समर्थन के लिए सदन में हाथ उठवाने पड़ रहे हैं।"

उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।


चर्चा के बाद होगा जवाब और मतदान

अविश्वास प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच विस्तृत चर्चा जारी है। चर्चा पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री और सरकार की ओर से आरोपों का जवाब दिया जाएगा। इसके बाद विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मानसून सत्र के अंतिम दिन अविश्वास प्रस्ताव पर हो रही यह चर्चा प्रदेश की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।