रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल बुधवार को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में समर्थक जेल परिसर के बाहर एकत्रित हुए और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
रिहाई के बाद अमित बघेल के समर्थन में रायपुर सेंट्रल जेल से घड़ी चौक तक रैली निकाली गई। रैली में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की।
गौरतलब है कि बलौदाबाजार हिंसा प्रकरण में अमित बघेल पिछले कई महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान की थी। अदालत ने जमानत की शर्त के तहत उन्हें करीब तीन महीने तक रायपुर जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में 10 जून 2024 को जैतखाम में तोड़फोड़ की घटना के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए थे। पुलिस के अनुसार, सभा के दौरान छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के कुछ पदाधिकारियों पर मंच से कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जिसके बाद भीड़ उग्र हो गई।
आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर कलेक्टोरेट और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय परिसर में प्रवेश किया तथा जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान कई सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और कलेक्टोरेट भवन को भी नुकसान पहुंचा।
हिंसा के दौरान स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे पुलिस अधिकारियों और जवानों पर पथराव तथा लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला किए जाने का भी आरोप है। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। मामले की जांच के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें अमित बघेल भी शामिल थे।





