रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग में दो अधिकारियों का तबादला किया गया है। मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से 15 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार राज्य शासन ने प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल करते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नई पदस्थापना दी है।

जारी आदेश के अनुसार, श्री मृत्युंजय प्रसाद पटेल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिनकी वर्तमान पदस्थापना क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, रायपुर दर्शाई गई है, उन्हें क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, दुर्ग पदस्थ किया गया है।

वहीं श्री प्रतीक शुक्ला, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिनकी वर्तमान पदस्थापना कार्यालय परिवहन आयुक्त दर्शाई गई है, उन्हें जिला परिवहन अधिकारी, जिला परिवहन कार्यालय, महासमुंद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

लेकिन इस आदेश के जारी होते ही विभागीय गलियारों में एक नई चर्चा शुरू हो गई है। सवाल तबादले पर नहीं, बल्कि आदेश में दर्शाई गई वर्तमान पदस्थापना पर उठ रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतीक शुक्ला पिछले कुछ समय से क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, रायपुर में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, जबकि आदेश में उनकी वर्तमान पदस्थापना कार्यालय परिवहन आयुक्त बताई गई है।

इसी तरह, सूत्रों के अनुसार मृत्युंजय प्रसाद पटेल की पदस्थापना आदेश में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, रायपुर दर्शाई गई है, जबकि वे परिवहन मुख्यालय, इंद्रावती भवन, रायपुर में विभागाध्यक्ष कार्यालय के जन सूचना अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं प्रतीक शुक्ला क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, रायपुर में जन सूचना अधिकारी के रूप में कार्यरत बताए जा रहे हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या तबादला आदेश जारी करते समय अधिकारियों की वास्तविक कार्यस्थली और वर्तमान दायित्वों का सही मिलान किया गया था या नहीं। यदि सूत्रों की जानकारी सही है, तो यह मामला केवल दो अधिकारियों के तबादले तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि विभागीय रिकॉर्ड, मुख्यालय और मंत्रालय स्तर के समन्वय पर भी सवाल खड़े करता है।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले विधानसभा में परिवहन विभाग से जुड़े सवालों के दौरान भी विभागीय जानकारी और आंकड़ों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं दिखी थी। सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री भूपेश बघेल जी द्वारा पूछे गए सवालों पर परिवहन मंत्री माननीय श्री केदार कश्यप जी की ओर से तत्काल स्पष्ट जवाब नहीं आ पाने, आंकड़ों में अंतर दिखने और कुछ जवाबों को बाद में उपलब्ध कराने जैसी स्थिति सामने आई थी।

अब तबादला आदेश में अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना को लेकर उठ रहे सवालों के बाद मंत्रालय और मंत्री स्तर के बीच समन्वय को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। विभागीय हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या परिवहन मंत्री माननीय श्री केदार कश्यप जी और मंत्रालय स्तर पर अधिकारियों की वास्तविक पदस्थापना की पूरी अद्यतन जानकारी उपलब्ध नहीं थी।

परिवहन विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में अधिकारियों की पदस्थापना सीधे तौर पर वाहन पंजीयन, परमिट, कर वसूली, प्रवर्तन, सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों से जुड़े कार्यों को प्रभावित करती है। ऐसे में तबादला आदेशों में वर्तमान पदस्थापना की सटीकता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

विभाग में हुए इस फेरबदल को प्रशासनिक कसावट और कार्य व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में कदम माना जा रहा है। लेकिन आदेश में दर्ज पदस्थापना विवरण को लेकर उठ रहे सवाल यह संकेत देते हैं कि तबादला प्रक्रिया में रिकॉर्ड अपडेट, वास्तविक कार्यस्थल की पुष्टि और विभागीय समन्वय जैसे बुनियादी पहलुओं पर और अधिक सावधानी की जरूरत है।

फिलहाल विभाग की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन तबादलों के बाद नई पदस्थापनाएं किस तरह प्रभावी होती हैं और क्या विभाग वर्तमान पदस्थापना को लेकर उठ रहे सवालों पर कोई आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करता है।