देश का 9वां और मध्यभारत का दूसरा सबसे पुराना संग्रहालय, रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय आज भी छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास को संजोए हुए है। यहां सिर्फ पुरानी वस्तुओं का संग्रह नहीं, बल्कि प्रदेश की सदियों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और शासन व्यवस्था की जीवंत झलक देखने को मिलती है।

साल 1875 में स्थापित यह 150 वर्ष पुराना संग्रहालय दुर्लभ पुरातात्विक धरोहरों, प्राचीन मूर्तियों, शिलालेखों, अस्त्र-शस्त्रों और सांस्कृतिक विरासत का अनमोल खजाना है।

इंटरनेशनल म्यूजियम डे के मौके पर जब रायपुर अपनी ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को याद कर रहा है, तब यह संग्रहालय इतिहास के उन अनछुए पहलुओं को सामने लाता है, जिनसे आज भी कई लोग अनजान हैं।

संग्रहालय में सुरक्षित धरोहरें इस बात का प्रमाण हैं कि रायपुर केवल आज की आधुनिक राजधानी नहीं, बल्कि सदियों पहले भी सत्ता, संस्कृति और आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।