जनगणना में महिलाओं को बड़ी राहत, पति का नाम बताना अब जरूरी नहीं
नई दिल्ली। आगामी जनगणना प्रक्रिया में महिलाओं को बड़ी राहत देने वाला बदलाव किया गया है। अब महिलाओं के लिए पति का नाम बताना अनिवार्य नहीं होगा। सरकार की ओर से यह कदम व्यक्तिगत गोपनीयता और महिलाओं की स्वतंत्र पहचान को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार जनगणना फॉर्म में महिलाओं को अपनी वैवाहिक स्थिति से जुड़ी जानकारी देने का विकल्प रहेगा, लेकिन पति का नाम भरना अनिवार्य नहीं होगा। इससे विशेष रूप से अलग रह रही महिलाओं, विधवाओं और एकल महिलाओं को सुविधा मिलेगी।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि जनगणना प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और समावेशी बनाने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों की निजता का सम्मान करना और डेटा संग्रह प्रक्रिया को सरल बनाना है।
सामाजिक विशेषज्ञों ने इस फैसले को सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि महिलाओं की पहचान केवल पति के नाम से जोड़ना आवश्यक नहीं होना चाहिए। वहीं कई महिला संगठनों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।





